अंगारक दोष पूजा
उज्जैन पावन तीर्थ संकल्पचित्र 1 / 3
मंगल देव, राहु देव एवं भगवान भैरव

अंगारक दोष पूजा

मंगल और राहु/केतु के योग से उत्पन्न अस्थिरता को शांत करने का उपाय।

पूजन अवधि
3 घंटे
तीर्थ स्थल
श्री मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन
शुभ दिवस
मंगलवार, शनिवार
वैदिक संकल्प
100% शास्त्रीय
वैदिक तीर्थ पुरोहित सेवा

अंगारक दोष पूजा संकल्प

उज्जैन के सिद्ध तीर्थ पर व्यक्तिगत नाम, गोत्र व नक्षत्र द्वारा पूर्ण शास्त्रीय विधि से संकल्प।

उपलब्ध पूजन माध्यम:
प्रत्यक्ष दर्शन

उज्जैन आकर व्यक्तिगत पूजन

ऑनलाइन लाइव

लाइव वीडियो + प्रसाद कूरियर

कोई पूर्व अग्रिम राशि बाध्यता नहीं • व्यक्तिगत संकल्प
पूजा के पश्चात वैदिक रसीद व संकल्प पत्र उपलब्ध
शुद्ध पूजन सामग्री एवं संपूर्ण वैदिक व्यवस्था आचार्य द्वारा
तीर्थ पुरोहित सहायता केंद्र
उज्जैन में ठहरने व दर्शन हेतु निःशुल्क मार्गदर्शन
विस्तृत परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

अंगारक दोष निवारण पूजा मंगल और राहु/केतु के योग से उत्पन्न गुस्सा, विवाद और अस्थिरता को शांत करने का वैदिक उपाय है।

जब किसी भाव में मंगल के साथ राहु या केतु की युति या दृष्टि हो तो अंगारक योग बनता है। इससे क्रोध, आक्रामकता, रक्तचाप, अग्नि-दुर्घटना भय, कोर्ट-पुलिस विवाद और भाई-साझेदार से भूमि झगड़ा बढ़ सकता है।

मंगलनाथ उज्जैन इस पूजा का स्वाभाविक तीर्थ है। यहाँ मंगल की उष्णता और राहु की छाया दोनों का शमन एक साथ संभव माना गया है। पंडित दीपक पंड्या संयुक्त मंत्र जाप और विशेष वेदी पूजन कराते हैं।

विधि में शुद्धिकरण, संकल्प, लाल-नीले वस्त्रों से वेदी, खैर-दूर्वा समिधा से हवन और मंगल-राहु की वस्तुओं का दान है। अवधि लगभग 3 घंटे रहती है।

मंगलवार, शनिवार और अंगारक चतुर्थी विशेष हैं। जातक को गुस्सा नियंत्रित रखने, सात्त्विक भोजन और काले वस्त्र से बचने का निर्देश दिया जाता है।

यह पूजा उन लोगों के लिए है जो बार-बार झगड़े में फँसते हैं, वाहन दुर्घटना का डर रखते हैं या परिवार में हिंसक तनाव है। पूजा क्रोध को जड़ से मिटाने का दावा नहीं करती, पर वैदिक शांति से मन स्थिर होता है।

सामग्री—लाल-काले तिल, मसूर, ताम्र-सीसा सिक्का, सिंदूर, चमेली तेल, गाय का घी—हमारी व्यवस्था में रहती है। पारदर्शी दक्षिणा पहले बताई जाती है।

यदि साथ में मांगलिक दोष भी हो तो भात पूजा का संयोजन सुझाया जा सकता है। कुंडली परामर्श से अनावश्यक दोहरी पूजा बचती है।

ऑनलाइन संकल्प भी उपलब्ध है। यजमान वीडियो पर संकल्प बोलते हैं और हवन का लाइव दर्शन करते हैं। प्रसाद डाक से जाता है।

उज्जैन की इस विधि से जातक में धैर्य, एकाग्रता और व्यवहार की कोमलता आने लगती है। यही अंगारक शांति का व्यावहारिक फल है।

क्रोध आने पर जल पीना, मौन रखना और लाल वस्तु का दान—ये छोटे नियम पूजा के साथ चलते हैं। आचार्य याद दिलवाते हैं।

वाहन चलाने वाले यजमानों को मंगलवार को विशेष सावधानी और हनुमान स्मरण बताया जाता है। पूजा और व्यवहार साथ चलें।

भूमि विवाद में पूजा कानूनी कागज का विकल्प नहीं। शांति मन की है, दस्तावेज़ वकील से बनवाएँ—यह हम स्पष्ट कहते हैं।

हवन की अग्नि तेज़ रखी जाती है पर आहुति नियंत्रित। अंगारक का अर्थ आग फैलाना नहीं, आग को काबू करना है।

परिवार का कोई शांत सदस्य संकल्प में साथ बैठे तो वातावरण और भी सात्त्विक रहता है। यह सुझाव मात्र है, बाध्यता नहीं।

॥ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
पूजन के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ
अति-क्रोध, आक्रामकता एवं रक्तचाप संबंधी समस्याओं में शांति
अग्नि, वाहन दुर्घटना एवं शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) के भय से रक्षा
भाई-बंधुओं व साझेदारों से चल रहे जमीन-जायदाद विवाद का समाधान
मन में एकाग्रता, धैर्य और स्थिरता का संचार
क्रोध, विवाद व दुर्घटना भय की संयुक्त वैदिक शांति
मंगलनाथ क्षेत्र की उष्ण ऊर्जा को काबू करने वाला हवन
यह पूजन किन जातकों के लिए अनिवार्य है:
कुंडली में मंगल+राहु युतिअत्यधिक गुस्सा व झगड़ालू स्वभावपुलिस केस/कोर्ट कचहरी विवाद
उज्जैन के अन्य महत्वपूर्ण अनुष्ठान

अन्य 13 प्रमुख पूजन सेवाएं

सभी देखें
कॉल करेंWhatsApp