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नवग्रह शांति अनुष्ठान
उज्जैन पावन तीर्थ संकल्पचित्र 1 / 4
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु

नवग्रह शांति अनुष्ठान

नौ ग्रहों की अशांत स्थिति दूर कर सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने वाला अनुष्ठान।

पूजन अवधि
4 से 5 घंटे
तीर्थ स्थल
नवग्रह मंदिर त्रिवेणी संगम / महाकाल धाम, उज्जैन
शुभ दिवस
रविवार, बुधवार
वैदिक संकल्प
100% शास्त्रीय
वैदिक तीर्थ पुरोहित सेवा

नवग्रह शांति अनुष्ठान संकल्प

उज्जैन के सिद्ध तीर्थ पर व्यक्तिगत नाम, गोत्र व नक्षत्र द्वारा पूर्ण शास्त्रीय विधि से संकल्प।

उपलब्ध पूजन माध्यम:
प्रत्यक्ष दर्शन

उज्जैन आकर व्यक्तिगत पूजन

ऑनलाइन लाइव

लाइव वीडियो + प्रसाद कूरियर

कोई पूर्व अग्रिम राशि बाध्यता नहीं • व्यक्तिगत संकल्प
पूजा के पश्चात वैदिक रसीद व संकल्प पत्र उपलब्ध
शुद्ध पूजन सामग्री एवं संपूर्ण वैदिक व्यवस्था आचार्य द्वारा
तीर्थ पुरोहित सहायता केंद्र
उज्जैन में ठहरने व दर्शन हेतु निःशुल्क मार्गदर्शन
विस्तृत परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

नवग्रह शांति अनुष्ठान नौ ग्रहों की अशांत स्थिति को दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि लाता है।

सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु—प्रत्येक का अधिदेवता और समिधा भिन्न है। सर्वतोभद्र मंडल पर नौ ग्रहों का आह्वान कर समग्र शांति की जाती है।

उज्जैन नवग्रह मंदिर, त्रिवेणी या महाकाल क्षेत्र में यह अनुष्ठान गृह प्रवेश, नया व्यापार, साढ़ेसाती-ढैय्या, परिवार में रोग-अशांति और विवाह से पूर्व विशेष रूप से कराया जाता है।

विधि 4 से 5 घंटे चलती है—मंडल स्थापना, प्रत्येक ग्रह पूजन, नौ समिधाओं से हवन, नौ धान्य-वस्त्र-धातु अर्पण, नवग्रह स्तोत्र और आरती। पूरा परिवार एक संकल्प में शामिल हो सकता है।

पंडित दीपक पंड्या शुद्ध गाय के घी, शास्त्रोक्त समिधा और नाम-गोत्र से आहुति कराते हैं। सामूहिक औपचारिकता के स्थान पर व्यक्तिगत संकल्प प्राथमिकता है।

रविवार, बुधवार, शनिवार और नव संवत्सर उत्तम हैं। गृह प्रवेश से कम से कम एक दिन पूर्व यह शांति कराना शुभ माना जाता है।

ऑनलाइन लाइव हवन में परिवार वीडियो से जुड़ता है। बाद में नवग्रह रक्षा सूत्र और प्रसाद घर भेजा जाता है।

यह पूजा अकेले किसी एक ग्रह का इलाज नहीं, पूरे ग्रह मंडल का संतुलन है। इसलिए जब कई समस्याएँ एक साथ हों तब नवग्रह शांति आधार अनुष्ठान बनती है।

दक्षिणा स्पष्ट रहती है। कोई छिपा शुल्क या अतिरिक्त सामग्री खरीदने का दबाव नहीं होता। यजमान को वस्त्र नियम और मुहूर्त पहले बता दिए जाते हैं।

उज्जैन की सिद्ध भूमि पर किया गया नवग्रह यज्ञ घर में सात्त्विक ऊर्जा, स्वास्थ्य और कार्यों की गति लौटाता है। यही इस अनुष्ठान का उद्देश्य है।

नौ समिधाएँ मिलाकर एक थैली में नहीं झोंकी जातीं। प्रत्येक ग्रह की लकड़ी उसकी आहुति पर अलग अर्पित होती है।

यदि साढ़ेसाती चल रही हो तो शनि की अतिरिक्त शांति उसी यज्ञ में जोड़ने का विकल्प रहता है, अलग यात्रा की जरूरत नहीं।

घर की मुहूर्त सूची—गृह प्रवेश, वाहन खरीद, नया खाता—पूजा के बाद 11 दिन की सरल पाबंदी के साथ दी जाती है।

बच्चे हवन से दूरी पर बैठ सकते हैं। धुआँ और गर्मी से बचाव रखा जाता है, स्वास्थ्य पहले है।

नवग्रह शांति को साल में एक बार कुटुंब की सफाई जैसा समझें। उज्जैन आकर यह सफाई कर लेना कई परिवारों की परंपरा बन गई है।

॥ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
पूजन के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ
समस्त 9 ग्रहों के अशुभ प्रभावों का संपूर्ण शमन
परिवार में स्वास्थ्य, सुख-शांति व सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह
व्यापार, नौकरी और सभी रुके हुए कार्यों में निरंतर प्रगति
वास्तु दोष और अज्ञात नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा
नौ समिधा, नौ धान्य व नौ देवताओं का पूर्ण मंडल विधान
गृह प्रवेश व साढ़ेसाती हेतु परिवार सहित एक संकल्प
यह पूजन किन जातकों के लिए अनिवार्य है:
गृह प्रवेश से पूर्वसाढ़ेसाती व ढैय्या चल रही होपरिवार में निरंतर अशांति/रोगनया व्यापार प्रारंभ करने पर
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