
नवग्रह शांति अनुष्ठान
नौ ग्रहों की अशांत स्थिति दूर कर सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने वाला अनुष्ठान।
नवग्रह शांति अनुष्ठान संकल्प
उज्जैन के सिद्ध तीर्थ पर व्यक्तिगत नाम, गोत्र व नक्षत्र द्वारा पूर्ण शास्त्रीय विधि से संकल्प।
उज्जैन आकर व्यक्तिगत पूजन
लाइव वीडियो + प्रसाद कूरियर
नवग्रह शांति अनुष्ठान नौ ग्रहों की अशांत स्थिति को दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि लाता है।
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु—प्रत्येक का अधिदेवता और समिधा भिन्न है। सर्वतोभद्र मंडल पर नौ ग्रहों का आह्वान कर समग्र शांति की जाती है।
उज्जैन नवग्रह मंदिर, त्रिवेणी या महाकाल क्षेत्र में यह अनुष्ठान गृह प्रवेश, नया व्यापार, साढ़ेसाती-ढैय्या, परिवार में रोग-अशांति और विवाह से पूर्व विशेष रूप से कराया जाता है।
विधि 4 से 5 घंटे चलती है—मंडल स्थापना, प्रत्येक ग्रह पूजन, नौ समिधाओं से हवन, नौ धान्य-वस्त्र-धातु अर्पण, नवग्रह स्तोत्र और आरती। पूरा परिवार एक संकल्प में शामिल हो सकता है।
पंडित दीपक पंड्या शुद्ध गाय के घी, शास्त्रोक्त समिधा और नाम-गोत्र से आहुति कराते हैं। सामूहिक औपचारिकता के स्थान पर व्यक्तिगत संकल्प प्राथमिकता है।
रविवार, बुधवार, शनिवार और नव संवत्सर उत्तम हैं। गृह प्रवेश से कम से कम एक दिन पूर्व यह शांति कराना शुभ माना जाता है।
ऑनलाइन लाइव हवन में परिवार वीडियो से जुड़ता है। बाद में नवग्रह रक्षा सूत्र और प्रसाद घर भेजा जाता है।
यह पूजा अकेले किसी एक ग्रह का इलाज नहीं, पूरे ग्रह मंडल का संतुलन है। इसलिए जब कई समस्याएँ एक साथ हों तब नवग्रह शांति आधार अनुष्ठान बनती है।
दक्षिणा स्पष्ट रहती है। कोई छिपा शुल्क या अतिरिक्त सामग्री खरीदने का दबाव नहीं होता। यजमान को वस्त्र नियम और मुहूर्त पहले बता दिए जाते हैं।
उज्जैन की सिद्ध भूमि पर किया गया नवग्रह यज्ञ घर में सात्त्विक ऊर्जा, स्वास्थ्य और कार्यों की गति लौटाता है। यही इस अनुष्ठान का उद्देश्य है।
नौ समिधाएँ मिलाकर एक थैली में नहीं झोंकी जातीं। प्रत्येक ग्रह की लकड़ी उसकी आहुति पर अलग अर्पित होती है।
यदि साढ़ेसाती चल रही हो तो शनि की अतिरिक्त शांति उसी यज्ञ में जोड़ने का विकल्प रहता है, अलग यात्रा की जरूरत नहीं।
घर की मुहूर्त सूची—गृह प्रवेश, वाहन खरीद, नया खाता—पूजा के बाद 11 दिन की सरल पाबंदी के साथ दी जाती है।
बच्चे हवन से दूरी पर बैठ सकते हैं। धुआँ और गर्मी से बचाव रखा जाता है, स्वास्थ्य पहले है।
नवग्रह शांति को साल में एक बार कुटुंब की सफाई जैसा समझें। उज्जैन आकर यह सफाई कर लेना कई परिवारों की परंपरा बन गई है।
अन्य 13 प्रमुख पूजन सेवाएं

कुंडली विशेषज्ञ
अनुभवी ज्योतिषाचार्यों द्वारा जन्म कुंडली का विस्तृत विश्लेषण और सटीक समाधान।

कालसर्प दोष पूजा
जन्म कुंडली में राहु-केतु की विपरीत स्थिति से उत्पन्न बाधाओं का निवारण।

मंगल भात पूजा
मंगल दोष के कारण विवाह में देरी और पारिवारिक समस्याओं का समाधान।

मां बगलामुखी हवन
मां पीतांबरा की अग्नि साधना—शत्रु स्तम्भन, कोर्ट विजय और विघ्नों का दहन करने वाला विशेष हवन।
