बगलामुखी पूजा
उज्जैन पावन तीर्थ संकल्पचित्र 1 / 3
मां पीतांबरा बगलामुखी (दस महाविद्या)

बगलामुखी पूजा

शत्रु नाश, विजय और आत्मविश्वास प्रदान करने वाली शक्तिपीठ साधना।

पूजन अवधि
4 से 6 घंटे (अथवा 3 दिवसीय अनुष्ठान)
तीर्थ स्थल
मां बगलामुखी मंदिर
शुभ दिवस
गुरुवार, शनिवार
वैदिक संकल्प
100% शास्त्रीय
वैदिक तीर्थ पुरोहित सेवा

बगलामुखी पूजा संकल्प

उज्जैन के सिद्ध तीर्थ पर व्यक्तिगत नाम, गोत्र व नक्षत्र द्वारा पूर्ण शास्त्रीय विधि से संकल्प।

उपलब्ध पूजन माध्यम:
प्रत्यक्ष दर्शन

उज्जैन आकर व्यक्तिगत पूजन

ऑनलाइन लाइव

लाइव वीडियो + प्रसाद कूरियर

कोई पूर्व अग्रिम राशि बाध्यता नहीं • व्यक्तिगत संकल्प
पूजा के पश्चात वैदिक रसीद व संकल्प पत्र उपलब्ध
शुद्ध पूजन सामग्री एवं संपूर्ण वैदिक व्यवस्था आचार्य द्वारा
तीर्थ पुरोहित सहायता केंद्र
उज्जैन में ठहरने व दर्शन हेतु निःशुल्क मार्गदर्शन
विस्तृत परिचय एवं आध्यात्मिक महत्व

बगलामुखी पूजा शक्तिपीठ की प्रमुख साधना है, जो शत्रु नाश, विजय और आत्मविश्वास प्रदान करती है। यह साधना भक्त को जीवन में बाधाओं से मुक्ति दिलाती है।

मां पीतांबरा दस महाविद्याओं में स्तम्भन शक्ति की अधिष्ठात्री हैं। पीला वस्त्र, हल्दी, सरसों और पीले पुष्प से षोडशोपचार कर ॐ ह्लीं बगलामुखि मंत्र का जप किया जाता है।

नलखेड़ा सिद्ध पीठ और उज्जैन हरसिद्धि क्षेत्र में यह पूजा कोर्ट केस, गुप्त शत्रु, चुनाव, प्रशासनिक वर्चस्व और तंत्र बाधा के लिए कराई जाती है। महाभारत काल से विजय साधना की मान्यता है।

विधि 4 से 6 घंटे या 3 दिवसीय हो सकती है—ध्यान, यंत्र स्थापन, 36,000 जप, स्तम्भन हवन, कवच पाठ और क्षमा प्रार्थना। गुरुवार, शनिवार, गुप्त नवरात्रि और अष्टमी-चतुर्दशी विशेष हैं।

पंडित दीपक पंड्या स्पष्ट कहते हैं कि यह पूजा किसी निर्दोष को हानि पहुँचाने के लिए नहीं, अपने ऊपर हो रहे अन्याय और षड्यंत्र के स्तम्भन के लिए है। भाव शुद्ध होना आवश्यक है।

पीत वस्त्र अनिवार्य है। सामग्री—हल्दी माला, पीली सरसों, चने की दाल, शहद, गुग्गल, यंत्र—हमारी व्यवस्था में रहती है। दक्षिणा ₹5,100 / ₹11,000 स्तर पर तय है।

ऑनलाइन साधना में यजमान पीला वस्त्र पहनकर वीडियो से संकल्प लेते हैं। हवन का दर्शन लाइव होता है। सिद्ध प्रसाद डाक से जाता है।

पूजा के बाद सत्य रहना, व्यर्थ वाद-विवाद से बचना और मां का नाम जपना फल स्थिर करता है। आचार्य दैनिक छोटा पाठ बताते हैं।

राजनीति, व्यापारिक ईर्ष्या और कानूनी लड़ाई में यह पूजा आत्मबल देती है। परिणाम समय और कर्म पर भी निर्भर करते हैं, केवल मंत्र से नहीं।

उज्जैन-नलखेड़ा की पीतांबरा कृपा भक्त के मुख और कर्म को स्तम्भन शक्ति से सुरक्षित करती है। यही बगलामुखी पूजा का सार है।

मंत्र उच्चारण गुरु-परंपरा से बँधा है। इंटरनेट से उठाया अधूरा मंत्र यहाँ नहीं जपा जाता। यही सुरक्षा है।

केस लड़ रहे यजमानों को पूजा के दिन झूठ न बोलने और वकील से सत्य विवरण रखने की सलाह दी जाती है। मां सत्य से प्रसन्न होती हैं।

यदि हवन भी कराना हो तो उसी दिन या अगले शुभ दिन मां बगलामुखी हवन जोड़ा जा सकता है। दो यात्रा की जरूरत नहीं।

पीला वस्त्र धोकर साफ़ रखना, हल्दी का टीका और छोटा जप—ये तीन घर के नियम फल को पकड़ते हैं।

साधना गुप्त रखें, सोशल मीडिया पर चुनौती न दें। स्तम्भन शक्ति मौन में बढ़ती है, शोर में नहीं।

॥ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
पूजन के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांसारिक लाभ
शत्रुओं की कुदृष्टि, गुप्त विरोधियों व षड्यंत्रों का स्तम्भन
कोर्ट-कचहरी, मुकदमों व कानूनी विवादों में निश्चित विजय
राजनीति, चुनाव, उच्च प्रशासनिक पद व व्यापार में वर्चस्व
तंत्र-मंत्र बाधा, नजर दोष व अकारण भय का संपूर्ण विनाश
शुद्ध परंपरा के मंत्र, इंटरनेट के अधूरे पाठ नहीं
आवश्यक हो तो उसी यात्रा में बगलामुखी हवन जोड़ने की सुविधा
यह पूजन किन जातकों के लिए अनिवार्य है:
कोर्ट केस में विजय हेतुशत्रु स्तम्भनराजनीतिक प्रतिद्वंद्विताव्यापार में गुप्त षड्यंत्र
उज्जैन के अन्य महत्वपूर्ण अनुष्ठान

अन्य 13 प्रमुख पूजन सेवाएं

सभी देखें
कॉल करेंWhatsApp